प्रेम जीवन का विशुद्ध रस । प्रेम माधुरी जी का सान्निध्य जंहा अमृत के प्याले पिलाए जाते है ।प्रेम माधुर्य वेबसाइट से हमारा प्रयास है कि इस से एक संवेदना जागृत हो ।

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Wednesday, August 22

तूझे एक दिन खुद को पहाचानना हैं |

झमाने कि चिंता में, काहे पडा हैं |
तेरे साथ साई, तुझे फिक्र क्या हैं ||

तूझे एक दिन खुद को पहाचानना हैं |
तेरी आत्मा हि परमात्मा हैं ||
जमाने कि .....

किसी और में हैं चलने कि शक्ती |

तू कैसे समझता हैं खुद चळ रहा हैं ||
जमाने कि  .....

कहां तक सजाएगा अपने बदन को |
ये हैं बोज इसको यही छोडना हैं ||
जमाने कि .....

गले से लगा गम कि कथिनाइयो को |
तेरे पिछले जन्मो का ये सिलसिला हैं ||
जमाने कि .....

खाता करनेवाले सजा तो मिलेगी |
तुझे तेरे अंदर से वोह देखता हैं ||
जमाने कि .....

वो आगाज हैं और वो अंजाम तेरा |
वो हि इब्तदा hai, वो हि इंतीहा हैं ||
जमाने कि .....
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वो फुल ना अबतक चुन पाया

वो फुल ना अबतक चुन पाया

वो फुल ना अबतक चुन पाया
जो फुल चडाने है तुज पर

मैं तेरा द्वार न दूंढ़ सका
साई भटक रहा हूँ डगर डगर

मुज्मे मैं ही दोष रहा होगा
मन तुझको अर्पण कर न सका

तू मुजको देख रहा कबसे
मैं तेरा दर्शन कर न सका

हर दिन हर पल चलता रहता
संग्राम कहीं मन के भीतर

मैं तेरा द्वार...

क्या दुःख क्या सुख क्या भूल मेरी
मैं उल्जा हूँ इन बातो मैं

दिन खोया चांदी सोने मैं
सोया मैं बेसुध रातों मैं

तब ध्यान किया मैंने तेरा
टकराया पग से जब पथ्थर

मैं तेरा द्वार

मैं धुप छाव के बिच कही
माटी के तन को लिए फिरा

उस जगह मुझे थामा तुने
मैं भूल से जिस जगह गिरा

अब तुही पथ दिखला मुजको
सदियों से हूँ घर से बेघर

मैं तेरा द्वार
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आंखे बंद करूँ या खोलूं

आंखे बंद करूँ या खोलूं
मुझको दर्शन दे देना .
दर्शन दे देना, साईं मुझे
दर्शन दे देना ..
मैं नाचीज़ हूँ बन्दा तेरा
तू सबका दाता है .
तेरे हाथ मैं सारी दुनिया
मेरे हाथ मैं क्या है
तुझको देखूं जिसमे एसा
दर्पण दे देना ..
आंखे बंद करूँ या .........

मेरे अन्दर तेरी लहरें
रिश्ता है सदियों का .
जैसे इक नाता होता है
सागार का नादुयों का .
करूँ साधना तेरी केवल
साधना दे देना ..
आंखे बंद करूँ या .........


हम सब हैं सितायें तेरी sai_face
हम सब राम तुम्हारे .
तेरी कथा सुनते जायेंगे
बाबा तेरे सहारे .
इस जंगल में चाहे लाखों
रावण दे देना ..
आंखे बंद करूँ या .........


मेरी मांग बड़ी साधारण
मन में आते रहियो .
हर इक साँस के पीछे अपनी
जलक दिखलाते रहियो .
नाम तेरा ले आखिर तक
वो धड़कन दे देना

आँखे बंद करूँ या .........
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रोके ना हमें संसार.......

रोके ना हमें संसार.......
हमें साईं ने बुलाया है  .

अब कौन करे इनकार,
हमें साईं ने बुलाया है ..
मिला हमको सन्देश,
चलो दाता के देश .

पहनो चोला बस एक,
देखो बदलो ना भेस  .
लो हमसे बढ़ाकर प्यार,
हमें साईं ने बुलाया है ..
रोके ना हमें संसार.......


क्या ख़ुशी की ख़ुशी ,
क्या हमें गम का गम  .
जब तक है दम में दम,
चलते जायेंगे हम .
अब दूर नहीं दरबार,
हमें साईं ने बुलाया है ..
रोके ना हमें संसार.......

चाहे गाडी रुके,
चाहे तूफ़ान चले .
चाहे बादल उड़े,
चमके बिजली भले .
बैठेंगे ना  हिम्मत हार,
हमें साईं ने बुलाया है ..
रोके ना हमें संसार.......

माना मंजिल की और,   
है कठिन रास्ता .
हमको साईं के सिवा,
किस्से क्या वास्ता .
है बड़ा उपकार,
हमें साईं ने बुलाया है . .
रोके ना हमें संसार..
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