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प्रेम जीवन का विशुद्ध रस । प्रेम माधुरी जी का सान्निध्य जंहा अमृत के प्याले पिलाए जाते है ।प्रेम माधुर्य वेबसाइट से हमारा प्रयास है कि इस से एक संवेदना जागृत हो ।
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Wednesday, August 8
lalit kishoruiji's bhaw
August 08, 2012
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गौर-श्याम बदनारबिंद
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तूझे एक दिन खुद को पहाचानना हैं |
वो फुल ना अबतक चुन पाया
आंखे बंद करूँ या खोलूं
रोके ना हमें संसार.......
तेरी शान तेरे जलाल को
धीरज रख वो रहमत की बरखा बरसा भी देगा
बाँसुरी
ओशो जी
तानसेन
संगीत थेरेपी
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दर्द से ध्यान हटा सकता है पसंदीदा संगीत .
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